मंज़िल कुछ बनाओ ऐसी,
पहुंचने की जहाँ तक हिमाकत रखते हो.
डरो ना इन चमकती बिज़लिओ से,
अगर दिल मे कुछ कर गुज़रने का हौसला रखते हों
माना हमेशा जीत होती नहीं,
हरा दो उस हार को जो तुम्हे हारने का ज़ज़्बा रखती हो.
"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब, तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है, ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
#tokentalks
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