नदियों की धारा की तरह जो बहे ऐसे बहने की चाहत रखते है ,
इश्क़ के समन्दर में डुबने की दिली ख्वाइश रखते है ,
मन से चाहा तुम्हे इतना है औ जानम,
अब न मिली तो क्या हुआ, सात जन्मो में से एक जन्म में मिलने की चाहत रखते है ।
"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब, तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है, ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
#tokentalks
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