ऐ वतन गीत तेरे लिए सुनाता जाता हू ,
चंद्र शेखर की आवाज़ को सुनाता हुआ मुस्कराता हू ,
शीचने वाले अपने लहू से इस देश की धरती को भगत सिंह की वो शहादत याद दिलाता हू ,
आजादी दिलाने वालो उन सपूतो को नमन करता हुआ मै वन्दे मातरम दोहराता हु ,
वन्दे मातरम दोहराता हू ,
चंद्र शेखर की आवाज़ को सुनाता हुआ मुस्कराता हू ,
शीचने वाले अपने लहू से इस देश की धरती को भगत सिंह की वो शहादत याद दिलाता हू ,
आजादी दिलाने वालो उन सपूतो को नमन करता हुआ मै वन्दे मातरम दोहराता हु ,
वन्दे मातरम दोहराता हू ,
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