" विचारो की वंदना "
"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब, तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है, ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
Tuesday, April 23, 2019
Monday, October 1, 2018
वो मेरा इश्क़ है किसी की वफ़ा का गुलाम नहीं,
वो महकते फूलो के हर्फ़ है जो कभी मुरझाये नहीं,
दिलों की धड़कन था वो ऐसा इश्क़ था,
आफताब था महकता एक ख्वाब था,
सोचा है खुदा ने वो कबूल नहीं,
वो मेरा इश्क़ है किसी की वफ़ा का गुलाम नहीं,
जाता नहीं उन गलियों से जहाँ वफ़ा की उम्मीद नहीं,
कुछ अल्फाज़ो के हरकत मे आने से मेरा इश्क़ मरा नहीं,
वो ऐसी मोहब्बत है जो रूह मे है जिस्मो मे नहीं,
वो मेरा इश्क़ है किसी की वफ़ा का गुलाम नहीं,
-शुभम पांथरी
Friday, September 21, 2018
Sunday, September 16, 2018
Saturday, September 15, 2018
Thursday, September 13, 2018
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#tokentalks
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मंज़िल कुछ बनाओ ऐसी, पहुंचने की जहाँ तक हिमाकत रखते हो. डरो ना इन चमकती बिज़लिओ से, अगर दिल मे कुछ कर गुज़रने का हौसला रखते ह...
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Rahste bhale hi bhare ho anndiyo se Na ruke na dare us jawala ko paar kar Tu chalta chal tu chalta chal Maatti ko l...
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सच्ची मोहब्बत की इनायत सभी करते है, कोई रिवायत का तो कोई मुन्तजिर के गुलाम है।