"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब,
तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है,
ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
Saturday, September 15, 2018
सच्ची मोहब्बत की इनायत सभी करते है, कोई रिवायत का तो कोई मुन्तजिर के गुलाम है।
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