हार गए इन पलो की आंच से
इंतजार है अब उस पल का जहा ये हो दिल जी सका.
दर्द का दरिया बने दिल को समझा ना सके हम
क्यों की एबादत करते है हुए जो मागा था वो मिल ना सका।
"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब, तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है, ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
#tokentalks
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