"शायर की शायरी का यूँ मज़ाक़ न बनाओ जनाब,
तिनका का भी अगर आँखों में चला जाये तो उनकी ज्योति ले लेता है,
ये तो काफ़िर एक शायर है शब्दो की जवाला से खेलने की हिमाकत रखता है"
Wednesday, July 11, 2018
Kitabbo ke panno me apna naam likhne ka shaok nahi h jannab,
Bas kuch kitabbe likhne ki himaakat jarur rakhte h
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